जब हम ध्यान-अभ्यास के द्वारा अंतर में जाते हैं, तो हम प्रभु की ज्योति को देख पाते हैं और प्रभु की श्रुति को सुन पाते हैं, तथा यह जान जाते हैं कि वास्तव में हम आत्मा हैं, परमात्मा का अंश हैं। परम पूज्य संत राजिंदर सिंह जी महाराज
जब हम ध्यान-अभ्यास के द्वारा अंतर में जाते हैं, तो हम प्रभु की ज्योति को देख पाते हैं और प्रभु की श्रुति को सुन पाते हैं, तथा यह जान जाते हैं कि वास्तव में हम आत्मा हैं, परमात्मा का अंश हैं।