यदि हमें अपने ग्रह, जिसमें पारस्परिक रूप से अंतर्निर्भर अनेक पारिस्थिति तंत्र हैं, का अस्तित्व बनाये रखना है, तो हमें समस्त जीवों के साथ प्रेम से रहना सीखना होगा। परम पूज्य संत राजिंदर सिंह जी महाराज