जब हम क्षमा करना सीख लेते हैं, तो हम पाते हैं कि हम हल्के और हल्के होते जा रहे हैं तथा हमारी आध्यात्मिक तरक़्क़ी तीव्र होती जा रही है। परम पूज्य संत राजिंदर सिंह जी महाराज